विश्व खुशहाली दिवस- 20 मार्च

 

विश्व खुशहाली दिवस- 20 मार्च

     संयुक्त राष्ट्र ने 2012 में 20 मार्च को विश्व खुशहाली दिवस घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक विश्व खुशहाली रिपोर्ट के 156 देशों को इस आधार पर रैंक करती है कि उसके नागरिक खुश को कितना खुश महसूस करते हैं।



          संयुक्त राष्ट्र विश्व खुशहाली रिपोर्ट में इस साल भारत का स्थान खिसक कर 140 वें स्थान पर पहुंच गया जो पिछले साल के मुकाबले सात पायदान नीचे है| जबकि फिनलैंड लगातार दूसरे साल भी इस मामले में शीर्ष पर रहा| खास बात ये है कि खुशहाल देशों की रैंकिंग में भारत, पड़ोसी देश पाकिस्तान से भी पिछड़ गया है|

          संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क ने बुधवार को यह रिपोर्ट जारी की| संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2012 में 20 मार्च को विश्व खुशहाली दिवस घोषित किया था| संयुक्त राष्ट्र की ये सूची 6 कारकों पर तय की जाती है| इसमें आय, स्वस्थ जीवन प्रत्याशा, सामाजिक सपोर्ट, आजादी, विश्वास और उदारता शामिल हैं|

          रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में समग्र विश्व खुशहाली में गिरावट आई है| इसमें भारत की बात करें तो इस मामले में यहां निरंतर गिरावट के कारण रैंकिंग सात अंक फिसल गई है| भारत 2018 में इस मामले में 133 वें स्थान पर था जबकि इस वर्ष 140 वें स्थान पर रहा|

          संयुक्त राष्ट्र की सातवीं वार्षिक विश्व खुशहाली रिपोर्ट, जो दुनिया के 156 देशों को इस आधार पर रैंक करती है कि उसके नागरिक खुद को कितना खुश महसूस करते हैं| इसमें इस बात पर भी गौर किया गया है कि किस देश में चिंता, उदासी और क्रोध सहित नकारात्मक भावनाओं में वृद्धि हुई है|

          फिनलैंड को लगातार दूसरे वर्ष दुनिया का सबसे खुशहाल देश माना गया है| उसके बाद डेनमार्क, नॉर्वे, आइसलैंड और नीदरलैंड का स्थान है| रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान 67 वें, बांग्लादेश 125 वें और चीन 93 वें स्थान पर है|

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस- 16 मार्च

 

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस- 16 मार्च

            विश्व टीकाकरण दिवस 16 मार्च को मनाया जाता है | भारत सरकार देश के लोगों को टीकाकरण के महत्व को बताने के लिए हर साल राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया जाता है| वर्ष 1995 में भारत में पोलियो के खिलाफ एक ओरल वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी| भारत 1995 से पल्स पोलियो कार्यक्रम का अवलोकन कर रहा है| राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य सभी लोगों को पोलियो से बचाव के लिए जागरूक करना और इसे पूरी तरह से दुनिया से मिटाना है|



            नियमित टीकाकरण बच्चों को 12 तरह की जानलेवा बीमारियों को बचाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व भर में गंभीर संक्रामक रोगों से लगभग 20 लाख से 30 लाख शिशुओं की मौत हो जाती है। जिसे सम्पूर्ण टीकाकरण के माध्यम से आसानी से रोका जा सकता है। इसे ही ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वर्ष 10 नवम्बर को विश्व टीकाकारण दिवस मनाया जाता है।

-:टीकाकरण क्या है:-

            किसी बीमारी के विरुद्ध प्रतिरोधात्मक क्षमता विकसित करने के लिये जो दवा खिलायी/पिलायी या किसी अन्य रूप में दी जाती है उसे टीका कहते हैं तथा यह क्रिया टीकाकरण (Vaccination) कहलाती है। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिये टीकाकरण सर्वाधिक प्रभावी एवं सबसे सस्ती विधि माना जाता है।

टीके, एन्टिजनी पदार्थ होते हैं। टीके के रूप में दी जाने वाली दवा या तो रोगकारक जीवाणु या विषाणु की जीवित किन्तु क्षीण मात्रा होती है या फिर इनको मारकर या अप्रभावी करके या फिर कोई शुद्ध किया गया पदार्थ, जैसे - प्रोटीन आदि हो सकता है। सबसे पहले चेचक का टीका आजमाया गया जो कि भारत या चीन 200 इसा पूर्व हुआ।

-:2 दिसम्बर से मिशन इन्द्रधनुष की शुरुआत:-

            अब नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों एवं गर्भवती माताओं को भी प्रतिरक्षित किया जा सकेगा। जिलों में सघन मिशन इन्द्रनुष-2.0 की शुरुआत होगी। सघन मिशन इंन्द्रनुष के तहत चार चरणों में नियमित प्रतिरक्षण में छूटे हुये बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। प्रथम चरण 2 दिसंबर, दूसरा चरण 2 जनवरी 2020, तीसरा चरण 3 फरवरी 2020 एवं चौथा चरण 2 मार्च 2020 से प्रारम्भ होगा।

-:टीकाकरण का महत्व:-

  • ·       टीकाकरण आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर शरीर में उत्पन्न होने वाले सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने का काम करता है।
  • ·       रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है|

राष्ट्रीय युवा दिवस व स्वामी विवेकानंद जन्म दिवस 12 जनवरी

  राष्ट्रीय युवा दिवस व स्वामी विवेकानंद जन्म दिवस प्रत्तेक वर्ष 12 जनवरी को भारत में पूरे उत्साह और खुशी के स...