व्यापार सुझाव

 

डेयरी फार्मिंग व्यवसाय

इस लेख में आप डेयरी फार्मिंग व्यवसाय शुरू करने की जानकारी प्राप्त करेंगे। इसमे इसके फायदेइससे जुड़े अन्य व्यवसायट्रेनिंगनिवेश और मार्केटिंग की पूरी जानकारी पाएंगे।

अगर आप डेयरी फार्मिंग के व्यवसाय में रूचि रखते हैं और इसके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो यह लेख आपकी सहायता कर सकता है। डेयरी फार्मिंग व्यापार से जुडी जरूरी जानकारियों के लिए यह लेख पूरा पढ़ें।

- डेयरी फार्मिंग शुरू करें -

दुधारू पशुओं जैसे गायभैंसबकरीयों को पालकर उनके दुग्ध के व्यवसाय को डेयरी फार्मिंग कहते हैं। डेयरी फार्मिंग एक बहुत ही आसान और लाभदायक व्यवसाय है जिसे अगर मेहनत  लगन से किया जाय तो अच्छा लाभ प्राप्त किया जा सकता है। भारत में डेयरी फार्म खोलना बहुत आसान है क्योंकि भारत में डेयरी प्रोडक्ट की माँग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

आज के समय में डेयरी फार्मिंग एक ऐसा व्यवसाय बन गया है जिससे लाखों लोगों को रोज़गार मिल रहा है। यह एक ऐसा फलता-फूलता व्यवसाय है जिसे हर जगह सफलतापूर्वक स्थापित किया जा सकता है। इसलिए आजकल इंजीनियरडॉक्टर आदि कई प्रोफेशनल लोग भी इससे जुड़ते जा रहे है और लाखों की कमाई कर रहे है।


- गाय पालन के फायदे -

डेयरी फार्मिंग व्यवसाय की इस दुग्ध उत्पादक व्यवसाय में हम पशुओं को पालते है और इन पशुओं से दूध प्राप्त करके बाजारों में या आस-पास के गाँव में वितरित करते हैं। अगर आप बड़े पैमाने पर डेयरी फार्मिंग करते है तो आप दुग्ध कंपनियों से संपर्क करके उन्हें दूध सप्लाई कर सकते हैजिससे अच्छी आय प्राप्त होती है।

- एक बेहतर डेयरी फार्म खोलते समय हमें निम्न जानकारियाँ होना आवश्यक है-

मवेशियों की जानकारी

डेयरी फार्म खोलते समय सबसे प्रमुख मुद्दा हैदुधारू पशु जैसे गायभैंसों का चयनइसलिए डेयरी फार्म खोलते समय हमें गायभैंस का चयन भली-भांति करना चाहिए किगायभैंस किस नस्ल की है उसकी फिजिकल स्थिति कैसी है और दूध कितना देती है। क्योंकि हमारा डेयरी फार्म भैंस और गाय पर ही आश्रित होता है।

मवेशियों के रोगों की जानकारी

अगर आप डेयरी फार्म खोलना चाहते हैं तो आपको गाय और भैंस के मुख्य रोगों की जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि अगर आपको गायभैंस के रोगों की जानकारी नहीं है तब आपको आपकी गायभैस के कई घातक रोगों के बारे में पता ही नहीं चलेगा और  वह कम दूध देगी अंततः उसकी मृत्यु भी हो सकती है और आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मवेशियों के खान-पान

डेयरी फार्मिंग में तीसरा मुख्य पॉइंट गाय-भैंस का खान-पान होता है। क्योंकि अगर आपके मवेशियों का खान-पान सही होगा तो ही वे स्वस्थ रहेंगी और दूध भी अधिक मात्रा में देंगी इसलिए आपको हरा चारासूखा चारादानाबाँटभूसा आदि गाय-भैंसों को उपलब्ध कराना चाहिये।

दूध निकालने की जानकारी

डेयरी फार्मिंग में आपको दूध निकालने की जानकारी भी होनी चाहिए यदि आपका डेयरी फॉर्म बड़ा है तो आप दूध निकालने की मशीन भी खरीद सकते हैं।

डेयरी फार्मिंग व्यवसाय के फायदे

हर व्यवसाय के कुछ फायदे तथा नुकसान होते हैं उसी प्रकार डेयरी फार्मिंग के भी फायदे तथा सावधानियाँ हैं। जिसमें से डेयरी फार्मिंग व्यवसाय के फायदे निम्न है।

डेयरी फार्मिंग करके हम जो दूध प्राप्त करते हैंउस दूध को मार्केट में बेचकर हम धन प्राप्त कर सकते हैं। क्योंकि आज पूरे भारत में दूध की मांग अत्यधिक बढ़ती जा रही है।

पशुओं से उत्पादित खाद का प्रयोग हम अपने खेतों में करके खेतों की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ा सकते हैं। इस प्रकार डेयरी फार्मिंग पर्यावरण हितैषी भी है।

पशुओं से प्राप्त गोबर से हम गोबर गैस बना सकते हैजिसको ईंधन के रूप में उपयोग किया जाता है।

डेयरी उद्योग का सबसे बड़ा लाभ यह हैकि इसमें कुशल मज़दूरों की आवश्यकता नहीं होतीघर के लोग भी इसको आसानी से कर सकते हैं।

डेयरी फार्मिंग से जुड़े अन्य व्यवसाय

- दूध या डेयरी फार्मिंग से मुख्य दो प्रकार के व्यवसाय जुड़े हुए हैं -

दुग्ध व्यवसाय

डेयरी फार्मिंग का सबसे मुख्य व्यवसाय दुग्ध व्यवसाय है।  बड़े-बड़े डेयरी फार्मिंग से दूध इकट्ठा होता है और टेंकरो में भरकर दुग्ध फ़ैक्टरियों में जाता है जहाँ दुग्ध जांच करने के बाद दुग्ध को पैकेटो में भरकर बेचने के लिए भेज दिया जाता हैजिससे बहुत से लोगो को रोज़गार प्राप्त होता है।

पशु प्रजनन

डेयरी फार्मिंग का दूसरा मुख्य लाभ पशु संवर्धन है। पशु संवर्धन में विदेशी नस्लों की गाय भैंसो से देशी नस्लों की गाय भैंसो को गाभिन किया जाता है तथा नई किस्म की दुधारू नस्लें विकसित की जाती है।

अन्य व्यवसाय

दुग्ध उत्पाद से जुड़े अन्य उद्योग भी स्थापित है। जिनमें घी उद्योगपनीर उधोगखोया उद्योग आइसक्रीम उद्योग भी विकसित हो रहें हैजिनकी नींव डेयरी फार्मिंग ही है।

डेयरी फार्मिंग की ट्रेनिंग

बकरी दूध व्यवसाय

बहुत से लोग ऐसे हैजो डेयरी फार्मिंग का व्यवसाय शुरू तो कर देते हैं लेकिन उन्हें पर्याप्त जानकारी ना होने के कारण नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसलिए डेयरी फार्मिंग शुरू करने से पहले हमें इसकी ट्रेनिंग या जानकारी होना आवश्यक है।

डेयरी फार्मिंग ट्रेनिंग के लिए भारत में कई प्रकार के संस्थान खुले हुए हैं जहां से आप डेयरी फार्मिंग से संबंधित जानकारीयां और ट्रेनिंग प्राप्त करके डेयरी फार्मिंग  व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं।

करनाल (हरियाणास्थित राष्ट्रीय डेयरी संस्थान हर महीने डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण देती है जिसमें यह संस्थान 6 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती हैजिसमें पशुओं के चयन से लेकर उनका रख-रखाव पशुओं के आहार से लेकर दूध और दूध उत्पादों की मार्केटिंग के बारे में जानकारियाँ दी जाती है।

 

इस डेयरी उद्योग का प्रशिक्षण कार्यक्रम क़ृषि विद्यालयों तथा सरकारी पशुपालन केंद्रों पर भी समय-समय पर आयोजित किया जाता है। जहाँ से कोई भी व्यक्ति प्रशिक्षण प्राप्त करके डेयरी फार्मिंग में अपना कैरियर बना सकता है।

डेयरी फार्मिंग में निवेश

यह एक सरल व्यवसाय है जिसे आसानी से स्थापित किया जा सकता है। लेकिन उससे पहले आपको डेयरी उद्योग पर निवेश के बारे में योजना बना लेना चाहिए की आप किस आकार का डेयरी फार्म खोलना चाहते है। डेयरी फार्म सामान्यतः तीन प्रारूपों में खोला जा सकता है।

छोटे पैमाने पर डेयरी फार्मिंग

छोटे पैमाने पर आप डेयरी फार्म को आसानी से स्थापित कर सकते हैं। अगर आप आत्मनिर्भर हैं और आपके पास पैसे कम है तो लघु पैमाने पर डेयरी फार्म आपके लिए सही रहेगा तथा इसे आप घर पर भी स्थापित कर सकते है।

आपको इसके लिए कम से कम 6 गायों या भैंसो की आवश्यकता होगी जो अच्छी नस्ल की हों तथा कम से कम एक बार में 6 से 7 लीटर दूध देतीं हों। इस प्रकार आप एक दिन का लगभग 60 लीटर दूध उत्पादित कर पाएंगे यदि आप दूध 40 रु पर लीटर बेचते है तो एक दिन की कमाई 2400 रु होगी जिसमें पशुओं के खान – पान के तथा तथा अन्य खर्चे शामिल है। इस प्रकार आप एक महीने का आंकड़ा लगा सकते है।

एक दुधारू नस्ल की भैंस की कीमत कम से कम 50000 के लगभग होती है। अतः इसमें आपको कम से कम एक से 2 से 4 लाख तक का निवेश करना पड़ सकता है।

आप इस व्यवसाय को स्थापित करने के लिए बैंक से लोन भी ले सकते हैं तथा डेयरी फार्मिंग विकसित करने हेतु सरकार द्वारा कई स्कीमें भी समय-समय पर चलाई जाती है जिसका लाभ भी आप उठा सकते है।

मध्यम पैमाने पर डेयरी फार्मिंग

मध्यम पैमाने पर भी आप डेयरी फार्मिंग कर सकते है। जिसके लिए आपके पास कम से कम 15 से 20 गाय या भैंसें होनी चाहिएजो अच्छी नस्ल की हों तथा दूध भी 7 या 8 लीटर देतीं हों और ऐसे पशुओं को आप सरकार द्वारा बनाये हुये पोर्टल से या पशु मेलों से आसानी से खरीद सकते है।

मध्यम पैमाने पर  डेयरी फार्मिंग के लिए आपके पास 1500 वर्ग फुट ज़मीन होना चाहिए तथा उनके खान-पान पर भी सही ध्यान देना पड़ेगा। इसमें आपको 25 से 30 लाख रु निवेश करना पड़ सकता है।

बड़े पैमाने पर डेयरी फार्मिंग

बड़े पैमाने पर डेयरी फार्मिंग व्यवसाय शुरू करने के लिए हमें पर्याप्त मात्रा में जगह की जरूरत होती है। इसके लिए 5000 वर्ग फुट के आसपास ज़मीन होनी चाहिए साथ ही उनकी देखभाल के लिए चारे की व्यवस्था के लिए भी हमें कुछ श्रमिकों की भी जरूरत पड़ती है।

बड़े पैमाने पर डेयरी फार्मिंग में हम कम से कम 30 से 50 पशुओं को पालते हैं। इसमें कम से कम खर्चा 50  से 75 लाख के आसपास  जाता है। जो हम स्वयं के द्वारा या फिर बैंक से लोन लेकर भी स्थापित कर सकते हैं।

डेयरी फार्मिंग के लिए मार्केटिंग

डेयरी फार्मिंग से प्राप्त होने वाले उत्पाद दूधदही मक्खन ऐसे कई उत्पाद हैं जिनकी भारत में तो क्या विदेश में भी माँग लगातार बढ़ती जा रही है। इसलिए डेयरी फार्मिंग के उत्पादन के लिए हमें ज्यादा मार्केटिंग की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।

इनकी माँग आज इतनी हैकि हम अपने डेयरी उत्पादों को अपने घर से ही बेच सकते हैं। अगर आप 500 लीटर से अधिक दूध उत्पादित करते है तो आप दुग्ध फ़ैक्टरियों से कॉन्टेक्ट करके उन्हें सप्लाई कर सकते है।

एक कहावत है की जो दीखता है वही बिकता है। आज के इस समय में मार्केटिंग बेहद ही जरूरी है क्योंकि यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता की व्यवसाय की प्रतिस्पर्धा कब बढ़ जाएइसलिए मार्केटिंग किसी भी व्यवसाय को औरों से एक कदम आगे रखती है।

-डेयरी उद्योग की निम्न प्रकार से मार्केटिंग की जा सकती है-

आस पास के गाँवों में पेम्पलेट बंटवाकर

आप अपने अगल बगल के गाँवों-नगरों में पेम्पलेट छपवाकर बाँट सकते हैं। जिससे लोगों के आपके डेयरी व्यवसाय का पता  सेवाओं की सटीक जानकारी हो जाए।

अखबार में इश्तिहार देकर

आज भी कई ऐसे जगह हैं जहाँ लोग समाचार पत्र ही पढ़ना पसंद करते हैं। ऐसे घरों में आप अपने डेयरी व्यवसाय को अखबार के इश्तिहारों के माध्यम से खुद की जानकारी मुहैया करा सकते हैं।

चौराहों पर बैनर  पोस्टर लगवाकर

बड़े  आकर्षक पोस्टर्स को पर आज भी हमारी नजर जरुर जाती है इसलिए अगर आपका बजट हो तो कुछ बड़े बैनर भीड़-भाड़ वाले चौराहों पर जरुर लगवाएं।

मिलते जुलते व्यवसायियों से टाई-अप कर के

इस प्रक्रिया को क्रॉस एडवरटाइजमेंट कहते हैंजिसमें डेयरी व्यवसाय से अलग लेकिन मिलते-जुलते अन्य व्यवसायों से टाई-अप करके एक दुसरे की एडवरटाइजिंग कर सकते हैं। क्रोस एडवरटाइजमेंट का सबसे अच्छा उदाहरण डोमिनोस और पेप्सी को ले सकते हैं।

सोशल मीडिया पर आर्गेनिक प्रोडक्ट्स का प्रचार कर

आज का समय डिजिटल मार्केटिंग हो चुका है अर्थात जो डिजिटल को अनदेखा कर रहा है वह पीछे रह जा रहा है। आप भी अपने डेयरी व्यवसाय को डिजिटली मार्केट कर सकते हैं। जिसमें आर्गेनिक प्रोडक्ट्स को केंद्र के रूप में रख सकते हैं क्योंकि इस समय बाज़ार में आर्गेनिक प्रोडक्ट्स की डिमांड बहुत ही ज्यादा है।

निष्कर्ष

आशा है इस लेख में आपने डेयरी फार्म के व्यवसाय की जानकारी विस्तार से प्राप्त की। अगर यह लेख आपको सहायक लगा हो तो इसे सजरे जरुर करें। 

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