राष्ट्रीय
टीकाकरण दिवस- 16 मार्च
विश्व टीकाकरण दिवस 16 मार्च को मनाया जाता है | भारत सरकार देश के लोगों को टीकाकरण के महत्व को बताने के लिए हर साल राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया जाता है| वर्ष 1995 में भारत में पोलियो के खिलाफ एक ओरल वैक्सीन की पहली खुराक दी गई थी| भारत 1995 से पल्स पोलियो कार्यक्रम का अवलोकन कर रहा है| राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य सभी लोगों को पोलियो से बचाव के लिए जागरूक करना और इसे पूरी तरह से दुनिया से मिटाना है|
नियमित टीकाकरण बच्चों को 12 तरह की जानलेवा बीमारियों को बचाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व भर में गंभीर संक्रामक रोगों से लगभग 20 लाख से 30 लाख शिशुओं की मौत हो जाती है। जिसे सम्पूर्ण टीकाकरण के माध्यम से आसानी से रोका जा सकता है। इसे ही ध्यान में रखते हुए प्रत्येक वर्ष 10 नवम्बर को विश्व टीकाकारण दिवस मनाया जाता है।
-:टीकाकरण क्या है:-
किसी बीमारी के विरुद्ध प्रतिरोधात्मक क्षमता विकसित करने के लिये जो दवा खिलायी/पिलायी या किसी अन्य रूप में दी जाती है उसे टीका कहते हैं तथा यह क्रिया टीकाकरण (Vaccination) कहलाती है। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिये टीकाकरण सर्वाधिक प्रभावी एवं सबसे सस्ती विधि माना जाता है।
टीके, एन्टिजनी पदार्थ होते हैं। टीके के रूप में दी जाने वाली दवा या तो रोगकारक जीवाणु या विषाणु की जीवित किन्तु क्षीण मात्रा होती है या फिर इनको मारकर या अप्रभावी करके या फिर कोई शुद्ध किया गया पदार्थ, जैसे - प्रोटीन आदि हो सकता है। सबसे पहले चेचक का टीका आजमाया गया जो कि भारत या चीन 200 इसा पूर्व हुआ।
-:2 दिसम्बर से मिशन इन्द्रधनुष की शुरुआत:-
अब नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों एवं गर्भवती माताओं को भी प्रतिरक्षित किया जा सकेगा। जिलों में सघन मिशन इन्द्रनुष-2.0 की शुरुआत होगी। सघन मिशन इंन्द्रनुष के तहत चार चरणों में नियमित प्रतिरक्षण में छूटे हुये बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। प्रथम चरण 2 दिसंबर, दूसरा चरण 2 जनवरी 2020, तीसरा चरण 3 फरवरी 2020 एवं चौथा चरण 2 मार्च 2020 से प्रारम्भ होगा।
-:टीकाकरण का महत्व:-
- · टीकाकरण आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर शरीर में उत्पन्न होने वाले सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने का काम करता है।
- · रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है|

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