राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस- 4 मार्च
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस भारत में प्रति वर्ष 4 मार्च को मनाया जाता है। इसी दिन से ही एक सप्ताह तक चलने वाला सुरक्षा अभियान भी शुरू हो जाता है। कार्यस्थलों पर सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूरे देश में राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है।
इस दिन भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा के लिये प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करने की शुरूआत की ।उसके बाद से औद्योगिक दुर्घटनाओं की दर में कुछ कमी आई है। यह अभियान लोगों की सुरक्षा और आवश्यकताओं को ध्यान रखते हुये विशिष्ट गतिविधियों का विकास करने के लिये बनाया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाने के उद्देश्य हैं –
- · देश के विभिन्न हिस्सों में, स्वास्थ्य और पर्यावरण आंदोलन में सुरक्षा लाने के लिए।
- · विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में प्रमुख खिलाड़ियों की भागीदारी प्राप्त करने के लिये।
- · आवश्यकता-आधारित गतिविधियों के विकास को बढ़ावा देना, कार्यस्थलों पर सांविधिक आवश्यकताओं और पेशेवर एस एच ई प्रबंधन प्रणालियों के साथ आत्मनिर्भरता।
- · कार्यस्थल को सुरक्षित बनाने में नियोक्ता, कर्मचारियों और उनकी ज़िम्मेदारी से संबंधित अन्य लोगों को याद दिलाने के लिए।
- · संक्षेप में, उपरोक्त उद्देश्यों कार्यस्थल में एस एच ई संस्कृति बनाने और मजबूत करने और कार्य संस्कृति के साथ एकीकृत करने के समग्र लक्ष्य का हिस्सा हैं।
- · राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस कार्यस्थल करने वाली जगह पर सुरक्षा को बढ़ावा दिया गया और पूरे भारत वर्ष में यह दिवस मनाया जाता है।
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