श्रावणशुक्ला तीज पूजन और उसकी विधि
आज देश
भर के उत्तरी क्षेत्र में तीज
त्यौहार की धूम
है| श्रावण मास के
शुक्ल पक्ष की तृतीया को श्रावणी तीज कहते हैं| उत्तरभारत में यह
हरियाली तीज के
नाम से भी
जानी जाती है| तीज
का त्योहार मुख्यत: स्त्रियों का त्योहार है| इस समय जब
प्रकृति चारों तरफ
हरियाली की चादर
सी बिछा देती
है तो प्रकृति की इस छटा
को देखकर मन
पुलकित होकर नाच
उठता है और
जगह-जगह झूले
पड़ते हैं| इस त्योहार में
स्त्रियाँ गीत गाती
हैं, झूला
झूलती हैं और
नाचती हैं|

तीज सावन
(जुलाई–अगस्त) के महीने में
शुक्लपक्ष के तीसरे दिन मनाई जाती
है | श्रावण शुक्ल तृतीया के दिन
भगवती पार्वती सौ
वर्षों की तपस्या साधना के बाद
भगवान शिव से
मिली थीं| इस दिन मां
पार्वती की पूजा
की जाती है.
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